default-logo

SHRDDHA

Comment are off
UNSHAKABLE TRUST GERMINATES DEVOTION WHICH ENSURE SUCCESS.
Read More →

क्या जगत वास्तव में मिथ्या है ?

Comment are off
अक्सर आध्यात्मिक गुरुओं से, धार्मिक ग्रंथों में पढ़ने को मिलता है कि यह सब जगत मिथ्या है, एक आभास मात्र है, माया से अधिक कुछ नहीं है | आजकल के कुछ अति-शिक्षित व्यक्ति इस अवधारणा का उपहास भी किया करते हैं क्योंकि ये लोग अपनी स्थूल ज्ञानेन्द्रियों को ही अंतिम सत्य मान बैठते हैं | पर ज़रा हम व...
Read More →

जगत मिथ्या तो है पर….

Comment are off
यद्यपि ये सही है कि जगत मिथ्या है, माया है पर यह ऐसे ही है जैसे नाटक वास्तविकता नहीं होता, एक छद्म जीवनहोता है जो कलाकार को मंच पर जीना होता है| कलाकार जानते हैं कि वह मंच पर जो कुछ जीवन जी रहे हैं, वह वास्तविक जीवन नहीं है तथापि उनको इस काल्पनिक जीवन को पूरी इमानदारी और तल्लीनता के साथ निभा...
Read More →

हम और हमारा शरीर

Comment are off
क्या आपके साथ कभी कुछ ऐसा हुआ है कि रात को सोने से पहले आपको प्यास लगी थी, पानी आ पाता इससे पहले ही आपको नींद आ गई! रात भर नींद में भी प्यास लगती रही, कभी कुँए के पास जाते, कभी झील की ओर, कभी पानी का नलका खोल कर देखते पर पानी कहीं नहीं मिला ! वास्तव में आपकी पानी की प्यास आपकी शारीरिक आवश्यक...
Read More →

God Appears But We Ignore.

Comment are off
Have You seen God The ALMIGHTY! Yes But more than often you might have ignored . It is my firm belief that God appears before everyone on earth daily but once. Let me support to make you convince. As a small human being, I too doing a bit while attending holy service in Shri Ram Krishan...
Read More →