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लोभ और भोग ही आसुरी वृत्ति हैं – याज्ञिक जी महाराज

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सहारनपुर (26 मई) : हिरण्यकाक्ष लोभ का प्रतीक है और वराह भगवान यज्ञ स्वरूप हैं। सत्कर्म को ही यज्ञ कहते हैं। सर्वजन हिताय किये जाने वाले कार्य ही यज्ञ हैं। लोभी व्यक्ति असंतोष के कारण सब कुछ होने के बावजूद अशान्त रहता है और मानसिक रूप से पीड़ित रहता है। लोभ पाप की ओर धकेलता है, जब लोभ मन से मरेगा...
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श्री राधा कृष्ण का समन्वित अवतार है श्रीमद् भागवत – याज्ञिक जी महाराज

सहारनपुर (24 मई) :  जेठ की झुलसाती गर्मी से जिस प्रकार वर्षा ने हर किसी को राहत दी है, उसी प्रकार से आज मंगल नगर के मंदिर में व्यासपीठ पर विराजमान भागवत भूषण पं. जय प्रकाश जी याज्ञिक ने श्रीमद्‍भागवत कथा की संगीतमयी अमृत वर्षा करके सभा स्थल पर मौजूद सैंकड़ों श्रद्धालुओं के हृदयों को उल्लसि...
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निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

सहारनपुर : 22 मई 2016 :   “मरीज़ों के लिये  चिकित्सक  भगवान का स्वरूप होते हैं और आज हमारे सतपुरा गांव में खुद चल कर अनेक भगवान आये हैं ।  निश्चय ही आज का दिन सतपुरा और आस पास के अनेक गांवों के निवासियों के लिये अत्यन्त शुभ दिन है जो इतने सारे योग्य चिकित्सक ग्राम सतपुरा व आस-पास के ...
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योग्य छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण

सहारनपुर – 29 मार्च :  श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान द्वारा गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्टार पेपर सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलिज, सहारनपुर के योग्य एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वार्षिक छात्रवृत्ति दी गई।   विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए भागवत भूषण पं. जय प्रकाश जी ’याज्ञिक’ ...
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Inner voice

Illness is of course hard time. It tests our patience, strength and wisdom. Just prove that you have all these to fight it out. God is with u all. Satya prakash sharma 
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