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योग स्थूल से सूक्ष्म की ओर यात्रा है : योगाचार्य सुरेन्द्र
सहारनपुर – 7 अप्रैल, 2018 : योग साधना स्थूल से सूक्ष्म,प्रदर्शन से दर्शन,द्वंद्व से निर्द्वंद्विता और अनंत की ओर प्रयाण है। ‘योग’ साधक के जीवन की एक घटना है और यह उसी सुपात्र साधक के जीवन में घटती है जो गुरु मार्गदर्शन में योग के शास्त्रोक्त स्वरूप को समझ उसे जीवन आचरण में लाते हुए नियमित अभ्यास में गतिमान रहता है।इसलिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है योग के मूल स्वरूप को समझते हुए नियमित अभ्यास का सङ्कल्प लेते हुए नियमित अभ्यास करना। भले ही आप 10 मिनट से प्रारम्भ करें परन्तु करें नियमित। लोग प्रायः दीर्घ जीवन जीने की कामना तो करते हैं परंतु जीवन से प्रेम नहीं करते। ... Read More →
