Comment are off
विद्वान होना काफी नहीं, सच्चरित्रता भी आवश्यक है।
सहारनपुर – 3 अप्रैल, 2018 : आवास विकास स्थित श्री हरि मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे सत्र में कथा व्यास भागवत भूषण पं. जय प्रकाश याज्ञिक जी महाराज ने अन्तःकरण की शुद्धि का सरल मार्ग बताया । उन्होंने कहा कि अन्तःकरण में मन, बुद्धि, चित्त और अहं – ये चार तत्व सम्मिलित हैं। अन्तःकरण को शुद्ध करने के लिये श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण नियमित रू... Read More →


