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शोक और दुःखों का नाश करती है श्रीमद्‍भागवत कथा

सहारनपुर : 2 अप्रैल 2018 – श्री हरि मंदिर, आवास विकास में आज से सप्ताह भर का श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ आरंभ हो गया है। श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान (रजि.) के बैनर तले चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ प्रातः 7 बजे मुख्य यजमान द्वारा श्रीमद्भागवत के पूजन से हुआ। इसके तुरन्त ब...
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निःशुल्क योग शिविर

सहारनपुर ( 2 मई ) :  श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रहे त्रि-दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त योगाचार्य अर्जुनश्री सुरेन्द्र शर्मा ने  योग साधना के इच्छुक नवीन नगर निवासी महिलाओं और पुरुषों को बताया कि योग वा...
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अभिनन्दन समारोह

सहारनपुर – 29 मई :   श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान (रजि.) ने आज सहारनपुर में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने वाली विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया।  कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि योगीराज पद्मश्री डा. भारत भूषण जी, संस्थान के अध्यक्ष श्री सत्य प्रकाश शर्मा,...
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बिना परिश्रम की कमाई हमारी हानि ही करती है – याज्ञिक जी

सहारनपुर – 28 मई – परिश्रम किये बिना कहीं से संपत्ति मिल जाने पर वह संपत्ति हमारी बुद्धि को भ्रष्ट करती है, हमें अभिमानी बना देती है।  अधिक संपत्ति हो जाये तो व्यक्ति पथभ्रष्ट होकर अपनी बरबादी की राह पर बढ़ने लगता है, मदिरापान, जुआखोरी, परस्त्री संग दोष आदि व...
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जो व्यथा हर ले, वही कथा है – पद्मश्री डा. भारत भूषण

सहारनपुर – 29 मई – दि. 24 मई से मंगलेश्वर महादेव मंदिर में निरंतर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण रहा। सुबह 6.30 से 8.30 तक योग शिविर का आयोजन किया गया जिसमें प्रख्यात योगी श्री प्रेम शंकर मिश्रा ने योग साधकों को योगाभ्यास व प्राणायाम कराया। इसके...
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गोकुल में श्री कृष्ण के आगमन पर उत्साह का ओर-छोर नहीं

सहारनपुर (27 मई) :  मंगल नगर स्थित श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर में 24 मई से चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आज चौथा दिन था और सभागार में श्रद्धालु श्रोताओं की संख्या निरन्तर बढ़ती ही जा रही थी और इसके साथ ही बढ़ रहा था उनका उत्साह। आज योगेश्वर श्रीकृष्ण के जन्म का प्र...
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लोभ और भोग ही आसुरी वृत्ति हैं – याज्ञिक जी महाराज

सहारनपुर (26 मई) : हिरण्यकाक्ष लोभ का प्रतीक है और वराह भगवान यज्ञ स्वरूप हैं। सत्कर्म को ही यज्ञ कहते हैं। सर्वजन हिताय किये जाने वाले कार्य ही यज्ञ हैं। लोभी व्यक्ति असंतोष के कारण सब कुछ होने के बावजूद अशान्त रहता है और मानसिक रूप से पीड़ित रहता है। लोभ पाप की ओर धकेलता है, ...
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आसक्ति से मुक्ति ही सुख का मार्ग – याज्ञिक जी महाराज

सहारनपुर – 25 मई – श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर, मंगल नगर के प्रांगण में चल रहे सप्ताह भर के श्रीमद्‍ भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन विषय को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास पं. जयप्रकाश याज्ञिक ने बताया कि समस्त दुःखों, क्रोध और अशान्ति का मूल हमारे अन्दर मौजूद आसक्ति की भावना है। जी...
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