default-logo

सदैव संतुष्ट और प्रसन्न कैसे रहें?

Comment are off
हरि ॐ… ऊँ नमो नारायणाय🙏🙏 श्री सद गुरुवे नम:!! हम गुरु संदेश सुनातें हैं- संतुष्ट सततं योगी, यतात्मा दृढ़निश्चय:! मय्यर्पितमनोबुद्धियोर्मद्भक्त: स मे प्रिय:!! 12-14 (भगवद्गीता ) भगवान कह रहे हैं- जो मेरा हो गया है जिसने अपने मन इन्द्रियों के साथ शरीर को अपने वश में कर लिया है और एकमात्र मुझपर ही भरोसा किया है ,जो दृढ़ संकल्पित है, सर्वस्व अर्पित करते हुए मन बुद्धि मुझमें ही लगाये हुए हैं वे सदैव संतुष्ट और प्रसन्न रहतें हैं! वे ही मेरे भक्त हैं और मेरे प्रिय हैं। हम सदैव प्रसन्न और संतुष्ट कैसे रहें? तो भगवान स्वयं मार्गदर्शन कर रहें हैं ,संकेत कर रहें हैं–मुझसे जुड़े रहोगे तो सतत (हरपल) संतुष्ट रहोगे। संसार से जुडो़गें तो सतत संतुष्ट (सन्तोष का अनुभव) नहीं रह पाओगे। जब हमारी जिन्दगी में जिस क्षण में परमात्मा ही सर्वस्व हो जायेगा ,तो हमकों जो भी प्राप्त है,  उसी को पर्याप्त...
Read More →

द्वेष भाव अज्ञान का लक्षण है : महाराज याज्ञिक जी

Comment are off
पूज्य पंडित भागवत भूषण जय प्रकाश जी ‘याज्ञिक’ जी ने बताया कि द्वेष भाव हमारी अज्ञानता से उपजता है !  ज्ञानवान व्यक्ति कभी भी किसी से द्वेष भाव नहीं रखते हैं, उनसे भी नहीं जो उनसे द्वेष रखते हैं !  ज्ञानी व्यक्ति सभी से मित्रता का व्यवहार करतें हैं। वे करुणावान होतें हैं। मोही और अहंकारी नहीं होतें हैं। क्षमा शील होतें हैं साथ साथ सभी के सुख दुःख में शामिल होकर शान्ति मय जीवन जीने की सत्प्रेरणा देतें हैं, सन्त महापुरुष शरण में आयें हुए शिष्यों को सन्तत्व प्रदान करके संसार की समस्त कामनाओं वासनाओं से मुक्त कर देतें हैं।जब हमारें अन्त:करण में और व्यवहार में विचार और वाणी में सुधार हो जातें हैं , तो हमकों स्वयं ही सन्त महापुरुष मिल जातें हैं।तो आईये दृढ़ता पूर्वक संकल्प करें, अपने जीवन की यही साधना हम भी करेंगे ,,तो निश्चित ही हमारा जीवन शान्तिपूर्ण आनन्दम...
Read More →

सत्य वचन

                  सत्य वचन संसार मे रहते हुए भी  संसार मे डूबना नही हैं । जैसे दीपक की बाती तेल मे डूब जाये तो प्रकाश लुप्त हो जाता हैं । अतः संसार सागर मे तैर कर संसार को प्रकाशित करना ही सफल जीवन हैं । सत्य प्रकाश धर्म “सत्य”
Read More →

सत्य वचन

मेरे देश की बेटी विवाह पश्चात ना केवल अपने पति औऱ पुत्र की दीर्घायु के लियें निर्जल रहती हैं बल्कि अपने बाबुल औऱ भाई की खुशहाली की भी व्रत पूर्ण कामना करती हैं । धन्य हैं भारत की समृद्ध लोकरीति औऱ त्यौहार । ॥ बेटियाँ अनमोल हैं ॥ ॥ बेटी ख़ुश तो हम खुशहाल हैं ॥ यही कारण हैं कि मेरा देश संयम, शौर्य, धर्म, शुचिता औऱ वात्सल्य जैसे अलौकिक गुणों के कारण विश्व मे एक मात्र माँ स्वरूप देश, भारत माता के नाम से जाना जाता हैं । वंदे मातरम 🙏 सत्य प्रक...
Read More →