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सत्य वचन

मेरे देश की बेटी विवाह पश्चात ना केवल अपने पति औऱ पुत्र की दीर्घायु के लियें निर्जल रहती हैं बल्कि अपने बाबुल औऱ भाई की खुशहाली की भी व्रत पूर्ण कामना करती हैं । धन्य हैं भारत की समृद्ध लोकरीति औऱ त्यौहार । ॥ बेटियाँ अनमोल हैं ॥ ॥ बेटी ख़ुश तो हम खुशहाल हैं ॥ यही कारण हैं कि मेरा देश संयम, शौर्य, धर्म, शुचिता औऱ वात्सल्य जैसे अलौकिक गुणों के कारण विश्व मे एक मात्र माँ स्वरूप देश, भारत माता के नाम से जाना जाता हैं । वंदे मातरम 🙏 सत्य प्रक...
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सत्य वचन

                          शिक्षक गुरु विषय का  ज्ञान होना,  विद्वान होना हैं । ज्ञान का प्रसार करना एक बड़ी सेवा हैं । परंतु विषय को स्वयं जीना औऱ छात्रो को उसका अनुभव  कराना,  गुरुत्त्व हैं जो शिक्षक बनने  से गुरु होने तक की अनुभवपूर्ण एक यात्रा हैं ॥ सत्य प्रकाश शर्मा “सत्य” प्रणाम सत्य प्रकाश शर्मा  “सत्य”
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सत्य वचन

शिक्षक गुरु विषय का ज्ञान होना, विद्वान होना हैं । ज्ञान का प्रसार करना एक बड़ी सेवा हैं । परंतु विषय को जीना औऱ छात्रो को उसका अनुभव कराना, गुरुत्त्व हैं जो शिक्षक बनने से गुरु होने तक की एक यात्रा हैं ॥ प्रणाम सत्य प्रकाश शर्मा “सत्य”
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सत्य वचन

मनुष्य कहाँ हैं शून्य आंखो मे अब स्पंदन कहाँ हैं । अज्ञान , अंधता , अतिशय यहाँ हैं । दुर्लभ हुई चेतन जीवन की आशा ॥ अब अस्तित्व रह गए मनुष्य कहाँ हैं ॥ 1॥ थकती नही हैं ये व्यस्तता चीरायु सिमटी हैं करुणा अपान प्राण वायु मार्तण्ड , मूर्धन्य , सब मनीषी यहाँ हैं अस्तित्व रह गए हैं , मनुष्य कहाँ हैं ॥ 2॥ जीवन की डोर सबने पकड़ी हैं कसके । “सत्य”कशमकश मे पर जीता हैं हँसके । वीरान ,पाषण जंगल,के दृश्य यहाँ हैं । अस्तित्व रह गए हैं मनुष्य कहाँ हैं ॥ 3॥ संकल्पों का सागर यहाँ भरता हैं निशदिन । सुरसा सा मुख यहाँ बढ़ता हैं पल छिन । दशानन सा हर एक मनुष्य यहाँ हैं । अस्तित्व रह गए हैं मनुष्य कहाँ हैं ॥ रस हीन रिश्ते औऱ फीकी हँसी हैं । अपनो मे अपनी ही गांठे फंसी हैं । तेरा या मेरा हैं यही संशय यहाँ हैं ॥ अस्तित्व रह गए अब मनुष्य कहाँ हैं ॥ 4॥ सत्य प्रकाश शर्मा “सत्य...
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