अक्सर आध्यात्मिक गुरुओं से, धार्मिक ग्रंथों में पढ़ने को मिलता है कि यह सब जगत मिथ्या है, एक आभास मात्र है, माया से अधिक कुछ नहीं है | आजकल के कुछ अति-शिक्षित व्यक्ति इस अवधारणा का उपहास भी किया करते हैं क्योंकि ये लोग अपनी स्थूल ज्ञानेन्द्रियों को ही अंतिम सत्य मान बैठते हैं | पर ज़रा हम विचार करके देखें तो दिखाई देता है कि टीवी पर हम विभिन्न कलाकारों को चलते फिरते बोलते देखते हैं, उनके साथ हंसते हैं, रोते हैं पर टी वी में जो कुछ दिखाई देता है, वह केवल ध्वनि एवं प्रकाश तरंगें नहीं हैं क्या ? हम कागज़ पर जिस फोटो को छापा हुआ देखते हैं वह क्या है – सिर्फ कुछ रसायनों का मिश्रण ही तो है| जब प्रकाश और छाया का संयोजन एक विशेष स्वरूप ले लेता है तो हम कहते हैं कि ये मेरा बच्चा है, ये मेरी पत्नी है | यह सब माया नहीं तो और क्या है ? जो लोग समझते हैं कि यह फोटो लैब में कैसे बनाई ... Read More →
यद्यपि ये सही है कि जगत मिथ्या है, माया है पर यह ऐसे ही है जैसे नाटक वास्तविकता नहीं होता, एक छद्म जीवनहोता है जो कलाकार को मंच पर जीना होता है| कलाकार जानते हैं कि वह मंच पर जो कुछ जीवन जी रहे हैं, वह वास्तविक जीवन नहीं है तथापि उनको इस काल्पनिक जीवन को पूरी इमानदारी और तल्लीनता के साथ निभाना है औरऐसे निभाना है कि दर्शक उसे सच मान बैठें, वाह-वाह कर उठें | पर पर्दा गिरते ही वह अपने वास्तविक जीवन में लौट आते हैं | मंच पर नायक और खलनायक एकदूसरे से लड़ते झगड़ते, एक दूसरे की ह्त्या के लिए उतारू दिखाई देते हैं पर मंच के पीछे वे एक दूसरे से गले मिलते हैं, साथ-साथ खाते पीते, उठते बैठते हैं, आपस में एक दूसरे के बहुत अच्छे मित्र होते हैं | यही अदालत में भी देखा जा सकता है जहां विरोधी पक्षों के वकील आपस में एक दूसरे के धुर विरोधी नज़र आते हैं पर यह सिर्फ उनका व्यावसायिक धर्म है| रंगमंच पर... Read More →
क्या आपके साथ कभी कुछ ऐसा हुआ है कि रात को सोने से पहले आपको प्यास लगी थी, पानी आ पाता इससे पहले ही आपको नींद आ गई! रात भर नींद में भी प्यास लगती रही, कभी कुँए के पास जाते, कभी झील की ओर, कभी पानी का नलका खोल कर देखते पर पानी कहीं नहीं मिला ! वास्तव में आपकी पानी की प्यास आपकी शारीरिक आवश्यकता है| इस प्यास की संतुष्टि के लिए यह आवश्यक है कि आप बिस्तर से उठ कर रसोई में जाएँ, पानी पियें और तब आकर पुनः सो जाएँ| अब आपको प्यास वाले सपने नहीं आयेंगे! हमारा अवचेतन मन हमारे शरीर का एक अत्यंत कुशल मैनेजर है जो हमारे शरीर के अंदर मौजूद सभी सिस्टम्स को भली प्रकार संचालित करने के लिए उत्तरदायी है | इस अवचेतन मस्तिष्क की तुलना हम एक शक्तिशाली कम्प्यूटर से कर सकते हैं जिसे माँ प्रकृति ने (या भगवान ने, जो भी आप समझना चाहे समझें;) हमारे शरीर के आतंरिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए ठीक प... Read More →
Have You seen God The ALMIGHTY! Yes But more than often you might have ignored . It is my firm belief that God appears before everyone on earth daily but once. Let me support to make you convince. As a small human being, I too doing a bit while attending holy service in Shri Ram Krishan Dharmarth Aushdhyalya at Vasundhara, a unit functioning under the Invisible presence of Sant PATHIKJI maharaj. I have been associated since its comimg into its existence. Daily free medicines and medical treatment is offerred to all the week and needy without any discrimination.Each face of such poor n needy as not afford expensive and inascessible medical aid, makes me feel the presence of God The Almighty in the form of DRIDRA NARAYANA.Their eyes speaks thier week and untimelyl wrinkled faces,convey... Read More →