शिव अनादि, परब्रह्म, सृष्टि के रचयिता, पालक और संहारक हैं – पंडित जय प्रकाश याज्ञिक
वसुंधरा गाजियाबाद (20 सितंबर) : वसुंधरा, गाजियाबाद के सेक्टर 15 स्थित S.G. Public Sr Secondary School के सभागार में आज श्री महाशिव पुराण का एक सप्ताह का ज्ञान यज्ञ आरम्भ हुआ जिसका उद्देश्य श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान द्वारा सेक्टर 17 में संचालित धर्मार्थ चिकित्सालय की आर्थिक सहायता करना है! कथा व्यास हैं – ब्रह्मलीन संत पथिक जी महाराज के अनन्य शिष्य पंडित जय प्रकाश ‘याज्ञिक’ जी महाराज, जो अपने पावन संकल्प के अनुरूप कथा में प्राप्त होने वाले समस्त नक़द चढ़ावे को धर्मार्थ चिकित्सालय को दे देते हैं ताकि यह चिकित्सालय रोगियों की निस्वार्थ सेवा करता रह सके!
यह श्री महाशिव पुराण ज्ञान यज्ञ आज दिनांक 20 सितंबर से 27 सितंबर तक प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगी और सुबह को देव पूजन कार्यक्रम चलेंगे! आज के आयोजन की शुरुआत 151 महिलाओं द्वारा मंगल कलश सिर पर धारण करके निकाली गई शोभा यात्रा से हुई! यह शोभायात्रा कथा स्थल से आरंभ होकर संक्रांति मंदिर तक गई!
व्यास पीठ से याज्ञिक जी महाराज ने कथा का शुभारंभ करते हुए श्री महाशिवपुराण के महत्व को समझाया कि इस कथा के पारायण और श्रवण से हमे क्या क्या लाभ मिलते हैं! उन्होंने बताया कि सिर्फ कथा को सुन लेना पर्याप्त नहीं होता, हमें ये भी जानना चाहिए कि कथा की विषय वस्तु हमारे जीवन में क्या महत्व रखती है! उन्होंने श्रद्धालुओं को गूढ़ रहस्यों को स्पष्ट करते हुए यह भी बताया कि शिव क्या हैं, शक्ति क्या हैं, शिवलिंग का क्या अर्थ है! संगीतमई कथा के बीच बीच में याज्ञिक जी महाराज ने अपने सुमधुर vaani में भजन भी सुनाये जिस पर श्रोतागण झूमते गाते रहे! पूरी कथा का श्रवण करने के लिए आप इस लिंक का उपयोग कर सकते हैं –








