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लोभ और भोग ही आसुरी वृत्ति हैं – याज्ञिक जी महाराज

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सहारनपुर (26 मई) : हिरण्यकाक्ष लोभ का प्रतीक है और वराह भगवान यज्ञ स्वरूप हैं। सत्कर्म को ही यज्ञ कहते हैं। सर्वजन हिताय किये जाने वाले कार्य ही यज्ञ हैं। लोभी व्यक्ति असंतोष के कारण सब कुछ होने के बावजूद अशान्त रहता है और मानसिक रूप से पीड़ित रहता है। लोभ पाप की ओर धकेलता है, जब लोभ मन से मरेगा तभी पापकर्म बन्द होंगे। धर्म की मर्यादा के विरुद्ध जाने वाला धन मन को बिगाड़ता है। हिरण्याक्ष का लोभ इतना बढ़ गया था कि पृथ्वी के सभी राजाओं को पराजित करने के बावजूद उसको संतोष नहीं हुआ। तब भगवान ने वराह (संतोषावतार) अवतार लेकर उसका उद्धार किया। आज के कथा प्रसंग को सुनाते हुए व्यासपीठ से पं. जय प्रकाश याज्ञिक ने कहा कि भोग के प्रतीक हिरण्यकशिपु का उद्धार करके भगवान नृसिंह ने जगत को ये बोध कराया कि वह सर्वत्र हैं, सदैव हैं, और सर्वज्ञ हैं। वही प्राणिमात्र की रक्षा करते हैं। जगत की प्रत्येक सम्प...
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श्री राधा कृष्ण का समन्वित अवतार है श्रीमद् भागवत – याज्ञिक जी महाराज

सहारनपुर (24 मई) :  जेठ की झुलसाती गर्मी से जिस प्रकार वर्षा ने हर किसी को राहत दी है, उसी प्रकार से आज मंगल नगर के मंदिर में व्यासपीठ पर विराजमान भागवत भूषण पं. जय प्रकाश जी याज्ञिक ने श्रीमद्‍भागवत कथा की संगीतमयी अमृत वर्षा करके सभा स्थल पर मौजूद सैंकड़ों श्रद्धालुओं के हृदयों को उल्लसित कर दिया।  7 दिवसीय श्रीमद्‍ भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आज शुभारंभ करते हुए विद्वान आचार्य श्री याज्ञिक जी ने बताया कि श्री राधा जी भक्ति यानि प्रेम की साकार मूर्ति हैं और श्रीकृष्ण ज्ञान के सर्वोच्च शिखर हैं।  भक्ति और ज्ञान के रूप में जब श्री राधा और श्री कृष्ण मिलते हैं तो श्रीमद्‌ भागवत का प्राकट्य होता है। जल है तो कल है – डा. एस. के. उपाध्याय कथा के पश्चात्‌ प्रख्यात पर्यावरणविद्‌ व श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान की सहारनपुर इकाई के अध्यक्ष डा. एस. के. उपाध्याय ने उपस्थित समुदाय को जल-सं...
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निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

सहारनपुर : 22 मई 2016 :   “मरीज़ों के लिये  चिकित्सक  भगवान का स्वरूप होते हैं और आज हमारे सतपुरा गांव में खुद चल कर अनेक भगवान आये हैं ।  निश्चय ही आज का दिन सतपुरा और आस पास के अनेक गांवों के निवासियों के लिये अत्यन्त शुभ दिन है जो इतने सारे योग्य चिकित्सक ग्राम सतपुरा व आस-पास के अनेक गांवों के हम निवासियों को घर बैठे मिल गये हैं।  गांव के अनेक मरीज़ों के लिये तो इन चिकित्सकों को दिखाने के लिये भारी भरकम फीस जुटाना भी मुश्किल हो जाता, ऐसे में हम श्री राम कृष्ण सेवा संस्थान और उसके संचालक पं. जय प्रकाश जी याज्ञिक का किन शब्दों में धन्यवाद दें, यह भी समझ नहीं आ रहा है जिन्होंने इस असंभव से दिखने वाले कार्य को संभव कर दिखाया है।  कहते हैं – गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागों पांय, बलिहारी गुरु आपनो गोविन्द दियो मिलाय !  हमारे पंडित जी तो ऐसे सद्‌गुरु हैं जो एक – दो नहीं,...
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योग्य छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण

सहारनपुर – 29 मार्च :  श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान द्वारा गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्टार पेपर सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलिज, सहारनपुर के योग्य एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वार्षिक छात्रवृत्ति दी गई।   विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए भागवत भूषण पं. जय प्रकाश जी ’याज्ञिक’ जी ने कहा कि भारतीय ऋषि – मुनियों ने सौ वर्ष आयु की कामना करते हुए पूरे जीवन काल को पच्चीस – पच्चीस वर्ष के चार आश्रमों में विभाजित किया है जिनमें सबसे पहला विद्या आश्रम है।   इस अवधि में बच्चे समाज को कुछ देने की स्थिति में नहीं होते, केवल लेते ही रहते हैं !  समाज का भी यही प्रयास होता है कि नयी पीढ़ी को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा, संस्कार व उन्नति हेतु सर्वोत्तम सुविधाएं दी जा सकें ताकि नयी पीढ़ी बेहतर ज्ञान व विज्ञान के सहारे वर्तमान पीढ़ी से आगे निकल सके।  अतः जितना भी ज्ञान, विज्ञान, कला-कौशल...
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